सुशासन, विकास और जनसेवा के संकल्प के साथ यह यात्रा बिहार को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की कहानी है। विभिन्न योजनाओं और प्रयासों के माध्यम से राज्य के हर वर्ग तक प्रगति का लाभ पहुंचाया गया है।
सुशासन बाबू के नाम से विख्यात बिहार के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी का जन्म 1 मार्च 1951 को बिहार के पटना जिले के बख्तियारपुर में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय राम लखन सिंह जी स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ-साथ एक प्रतिष्ठित गांधीवादी विचारक भी थे जिनके व्यक्तित्व और आदर्शों का गहरा प्रभाव नीतीश कुमार जी के जीवन और सोच पर पड़ा।
January
वर्ष 1974 से 1977 तक चले JP Movement में उन्होंने सक्रिय भागीदारी निभाई जिसने उनके भीतर समाजवाद के प्रति गहरी आस्था और प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ किया। इसी आंदोलन ने उनके राजनीतिक जीवन की दिशा तय की और उन्होंने समाजवाद को अपने जीवन का आधार बना लिया।
February
श्री नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्रा का प्रारंभ वर्ष 1985 में हुआ, जब वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में बिहार विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। उनकी प्रतिभा, सक्रियता और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए वर्ष 1987 में उन्हें युवा लोक दल का अध्यक्ष बनाया गया जिससे उनकी राजनीतिक पहचान और मजबूत हुई। इसके बाद वर्ष 1989 में वे जनता दल के टिकट पर नौवीं लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए और बिहार में जनता दल इकाई के महासचिव बनाए गए।
March
बिहार की जनता ने उनके नेतृत्व और कार्यशैली पर विश्वास जताते हुए उन्हें अब तक दस बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया है। उन्होंने पहली बार मार्च 2000 में बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और इसके बाद विभिन्न कार्यकालों में राज्य के विकास और सुशासन की दिशा में निरंतर कार्य करते रहे।
मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने बिहार में प्रशासनिक सुधार, कानून-व्यवस्था में सुधार, आधारभूत संरचना के विकास, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तथा महिला सशक्तिकरण जैसे अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए। उनके नेतृत्व में बिहार ने विकास और सुशासन के क्षेत्र में नई पहचान बनाई और इसी कारण उन्हें ‘सुशासन बाबू’ के नाम से व्यापक पहचान मिली।
April